LUCC संचालकों के विरुद्ध सख्त वैधानिक करने के दिए निर्देश

 

◾ *LUCC के विरुद्ध पुलिस कार्यवाही की ADG लॉ एंड ऑडर ने की समीक्षा, जांच में तेजी लाने और LUCC संचालकों के विरुद्ध सख्त वैधानिक करने के दिए निर्देश*

◾ *लुक आउट सर्कुलर / रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के निर्देश, ED और आयकर विभाग को भी भेजी जाएगी रिपोर्ट*

◾ *मनी ट्रेल के आधार पर अभियुक्तों के बैंक खातें करें फ्रीज तथा सम्पत्ति करें अटैच*

आज दिनांक 26 मार्च, 2025 को *श्री वी0 मुरूगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड महोदय* द्वारा समस्त जनपद प्रभारियों तथा परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षकों के साथ राज्य में *Loni Urban Multi-State Credit & Thrift Co-operative Society (LUCC) के संचालकों के विरूद्ध पंजीकृत कुल 07 अभियोगों* में की गयी पुलिस कार्यवाही की वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से *समीक्षा* की गयी। समीक्षा के दौरान *जांच में तेजी लाने, अभियुक्तों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही* करने तथा पीड़ितों के शिकायती प्रार्थना पत्रों पर *तत्काल अभियोग पंजीकृत* करने के निर्देश दिए गए।

ये भी पढ़ें:   धामी सरकार की त्वरित कार्रवाई: नंदा की चौकी में मात्र 12 घंटे के भीतर बहाल हुआ आवागमन

गोष्ठी में यह भी निर्देशित किया गया कि राज्य में लगभग 35 शाखाओं के *मुख्य संचालक* समीर अग्रवाल (निवासी मुम्बई), पंकज अग्रवाल (निवासी मध्यप्रदेश), एवं शबाब हुसैन (निवासी उत्तर प्रदेश) आदि के विदेश भागने की संभावना को ध्यान में रखते हुए *लुक आउट सर्कुलर (LOC) / रेड कॉर्नर नोटिस (RCN)* जारी कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैधानिक कार्यवाही हेतु *इंटरपोल* की सहायता ली जाए। साथ ही, जो अभियुक्त उत्तर प्रदेश की विभिन्न कारागारों में निरुद्ध हैं, उन्हें वारंट बी पर लाकर नियमानुसार *पुलिस कस्टडी रिमांड* में लिया जाए एवं निवेशकों की *संपत्ति बरामद* की जाए और इनके द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गयी *सम्पत्ति को अधिग्रहित* किया जाए।

ये भी पढ़ें:   सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के विरुद्ध जनभागीदारी से चलाना होगा प्रभावी अभियान : मुख्यमंत्री

पंजीकृत अभियोगों की विस्तृत रिपोर्ट, *प्रवर्तन निदेशालय (ED) तथा आयकर विभाग*, भारत सरकार के स्थानीय कार्यालयों को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही मनी ट्रेल के आधार पर अभियुक्तों के बैंक खार्तों को फ्रीज करने की भी कार्यवाही की जाए। विवेचना के दौरान रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (ROC) से अभिलेख प्राप्त कर, साक्ष्य के आधार पर *Uttarakhand Protection of Interests of Depositors (in Financial Establishments) Act, 2005 (UPID Act) अथवा Banning of Unregulated Deposit Schemes Act, 2019 (BUDS Act)* के तहत भी अभियोग पंजीकृत किए जाएं, ताकि *निवेशकों एवं पीड़ितों की धनराशि लौटाने* हेतु सक्षम अधिकारी से पत्राचार किया जा सके।

ये भी पढ़ें:   28 एवं 29 जुलाई को उत्तराखण्ड के कई जनपदों में ऑरेंज अलर्ट,नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील

गोष्ठी में  नीलेश आनन्द भरणे, पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था,  धीरेन्द्र गुंज्याल, पुलिस उप महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था,  यशवंत चौहान, पुलिस अधीक्षक सीआईडी सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।